HTML, HTML5, JavaScript, CSS, और XML ये सभी वेब
डेवलपमेंट और डिज़ाइनिंग में उपयोग होने वाली भाषाएँ हैं।
यहां इन भाषाओं के बारे में थोड़ी जानकारी है
1. HTML (Hypertext Markup Language)
- HTML एक मार्कअप भाषा है जिसे वेब पृष्ठों के संरचनित रूप में प्रदर्शित करने के लिए उपयोग किया जाता है।
- यह वेब पृष्ठों के संदेशों को संगठित करने के लिए संपत्ति के रूप में कार्य करता है और यह मार्कअप टैगों का उपयोग करता है।
- HTML की मदद से वेब पृष्ठों में सामग्री, छवियां, लिंक, तालिकाएँ, फार्म्स औरअन्य विभिन्न तत्वों को संरचित किया जा सकता है।
2. HTML5:
HTML5 एक नवीनतम संस्करण है जो वेब डेवलपमेंट के लिए उपयोग होता है। इसमें नए semantic tags का समर्थन होता है, जैसे कि <article>, <header>, और <footer>
3. CSS (Cascading Style Sheets):
- CSS एक स्टाइलिंग भाषा है जो वेब पृष्ठों की रूप और अभिव्यू व्यवस्था को संशोधित करने के लिए उपयोग की जाती है।
- यह वेब साइट के रंग, फॉन्ट, लेआउट, मार्जिन, पैडिंग, आदि को संदर्भ में विचारशील प्राप्त करने में मदद करता है।
- CSS की मदद से डिज़ाइन और स्टाइलिंग की प्राथमिकताओं को सुलझाया जा सकता है और इसे एक ही स्थान पर संग्रहीत रखा जा सकता है।
4. XML (eXtensible Markup Language):
- XML एक मार्कअप भाषा है जिसे संरचित डेटा को संदर्भित करने के लिए उपयोग किया जाता है।
- यह संबंधित विभिन्न खंडों में डेटा को सारणीबद्ध रूप में संरचित करने के लिए उपयोग किया जाता है और डेटा को अनुरूप किया जा सकता है।
- XML को मार्कअप टैगों का उपयोग करके स्ट्रक्चर को परिभाषित करने के लिए उपयोग किया जाता है।
संक्षेप में, HTML वेब पृष्ठों के संरचना को प्रदर्शित करने के लिए होता है, CSS उन्हें स्टाइल और लेआउट करने के लिए काम में लिया जाता है, और XML डेटा संरचना कोप्रदर्शित करने के लिए उपयोग किया जाता है।
XML (eXtensible Markup Language) कई वेब डिज़ाइन और डेवलपमेंट क्षेत्रों में उपयोग होता है। निम्नलिखित क्षेत्रों में XML का उपयोग होता है:
1. वेब संदेशों के आदान-प्रदान में: XML का उपयोग इन्टरनेट पर जानकारी को समर्थित करने के लिए एक्सटेंसिबिलिटी और पोर्टेबिलिटी के लिए किया जाता है।
2. डेटा परिचयावधी (Data interchange): XML रूपों, भाषाओं और प्लेटफॉर्मों के बीच डेटा आदान-प्रदान को सरल और सुरक्षित बनाता है।
3. वेब सेवाओं में: XML Web Services प्रोटोकॉल परिभाषाओं को डिफ़ाइन करने और डेटा को इंटरफ़ेस कराने में मदद करता है।
4. डेटा बैंकेंड इन्टरेक्शन (Data Backend Interaction): XML डेटाबेस, सर्विस और अन्य सुरक्षात्मक प्रोग्राम में इस्तेमाल होता है।
5. वेब साइटों की संरचना में: XML वेबसाइट की संचालनी और संरचना के लिए स्वतंत्रता और कस्टमाइज़ेशन प्रदान करने में मददगार है। इन क्षेत्रों में XML का उपयोग किया जाता है ताकि डेटा उपयोगकर्ताओं के बीच आसानी से संदर्भित किया जा सके और विभिन्न प्लेटफॉर्मों के बीच संचार को सरल बनाया जा सके।
वेबसाइट बनाने के लिए के लिए कौन-कौन से वेब स्क्रिप्ट प्रोग्राम काउसे किया जाता है
* HTML (HyperText Markup Language): HTML वेब पृष्ठों की संरचना के लिए उपयोग होती है। यह वेबसाइट के अलग-अलग अनुभागों को डिज़ाइन करने में मदद करती है।
* CSS (Cascading Style Sheets): CSS वेब पृष्ठों के डिज़ाइन और अनुभव को सुधारने के लिए उपयोग होती है। यह वेबसाइट के रंग, फ़ॉन्ट, लेआउट, और अन्य दृश्य संरचनाओं को नियंत्रित करती है।
* JavaScript: JavaScript वेब पृष्ठों को इंटरैक्टिव बनाने के लिए उपयोग होती है। यह वेबसाइट पर फॉर्म, बटन, अनिमेशन, और अन्य यूजर इंटरफ़ेस घड़ने में मदद करती है।
* PHP (Hypertext Preprocessor): PHP वेबसाइट के डायनामिक वेब पेज बनाने के लिए उपयोग होती है। यह डेटाबेस से डेटा प्राप्त करने, फॉर्म प्रसंस्करण करने, और अन्य सर्वर-साइड कार्यों के लिए उपयोग होती है।
* ASP.NET (Active Server Pages): ASP.NET वेब एप्लिकेशन और वेब सेवाओं के निर्माण में मदद करने के लिए विकसित किया गया है। यह Microsoft द्वारा विकसित किया गया है और व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
आप अपनी वेबसाइट बनाने के लिए उपरोक्त भाषाओं में से किसी एक का चयन कर सकते हैं, जो आपकी आवश्यकताओं को पूरा करेगा।
*. jQuery: जेक्वेरी एक लाइब्रेरी है जो जावास्क्रिप्ट को सरल बनाने के लिए उपभोक्ताओं को मदद करती है।
* Python: पाइथन वेब डेवलपमेंट के लिए उपयोग किया जाता है, जैसे Django और Flask में।
* Ruby: रूबी भी वेब डेवलपमेंट के लिए उपयोग किया जाता है, जैसे Ruby on Rails में।
इन स्क्रिप्ट प्रोग्रामिंग भाषाओं का उपयोग वेब डिज़ाइन में किया जाता है ताकि उपयोक्ता
अनुभव सुधार सके और वेब पेजों को अधिक अनुकूल बनाया जा सके।
Learn To CSS-CSS क्या है
CSS के इस्तेमाल से हम webpage के text को अच्छे रंग में दिखा सकते हैं, fonts के styles और paragraph के बिच के space को control कर सकते हैं, background के images को और background में कौनसे रंग के इस्तेमाल से webpage को अच्छा look मिलेगा ये सभी चीजों को set करने के लिए css का इस्तेमाल किया जाता है. css html के document पूरी तरह से नया रूप दे देता है जिससे users ज्यादा आकर्षित होते हैं।
CSS के फायेदे
Features of – CSS की विशेषताएँ1- CSS का उपयोग web designing के लिए किया जाता है।
2- यह भाषा styles जैसे (text color, font style, column size layout, background color और images) को कण्ट्रोल करती है।
3- यह भाषा HTML के documents को कण्ट्रोल
करती है।
4- यह JavaScript और PHP जैसी भाषाओ को समझने में मदद करती है।
5- इस भाषा को maintain करना आसान है।
6- यह एक सरल भाषा है जिसे सिखना और समझना आसान है।
2- इस भाषा का उपयोग animation बनाने के
4- यह JavaScript और PHP जैसी भाषाओ को समझने में मदद करती है।
5- इस भाषा को maintain करना आसान है।
6- यह एक सरल भाषा है जिसे सिखना और समझना आसान है।
Application of CSS के उपयोग
1- CSS का उपयोग वेबसाइट के elements को maintain करने के लिए किया जाता है।2- इस भाषा का उपयोग animation बनाने के
लिए किया जाता है।
3- यह भाषा वेब पेज पर effect add करने में
3- यह भाषा वेब पेज पर effect add करने में
मदद करती है।
4- इस भाषा का उपयोग HTML के साथ dynamic web template डिज़ाइन करने के लिए किया जाता है।
5- इस भाषा का उपयोग e- commerce platform पर user experience को increase करने के लिए किया जाता है।
6- यह भाषा image को edit और update करने
4- इस भाषा का उपयोग HTML के साथ dynamic web template डिज़ाइन करने के लिए किया जाता है।
5- इस भाषा का उपयोग e- commerce platform पर user experience को increase करने के लिए किया जाता है।
6- यह भाषा image को edit और update करने
में मदद करती है।
7- यह भाषा वेबसाइट को maintain और manage करके रखती है।
8- यह वेबसाइट के look को परिभाषित करने में मदद करती है।
9- यह भाषा devices के लिए material को optimize करती है।
7- यह भाषा वेबसाइट को maintain और manage करके रखती है।
8- यह वेबसाइट के look को परिभाषित करने में मदद करती है।
9- यह भाषा devices के लिए material को optimize करती है।
Advantages of CSS के फायदे
1- यह भाषा वेबसाइट की स्पीड को improve करती है।2- इस भाषा में पूरी वेबसाइट को modify करने के लिए केवल एक CSS फाइल को मॉडिफाई करना पड़ता है जिससे काफी समय बचता है।
3- यह भाषा website develop करने में मदद करती है।
4- यह कम जटील (complex) भाषा है।
5- इस भाषा में online pages को customize करना आसान है।
6- यह भाषा फाइल के साइज को कम करती है।
Disadvantages of CSS के नुकसान
1- इस भाषा में developers को ब्राउज़र में प्रोग्राम run करने के लिए running test करना पड़ता है।2- इस भाषा में security की कमी देखने को मिलती है।
3- इस भाषा के अलग अलग लेवल जैसे (CSS, CSS 2, CSS 3) होते है जिन्हे समझना मुश्किल होता है।
4- यह भाषा सभी तरह के styles sheet को सपोर्ट नहीं करता।
Difference between CSS & HTML
CSS और HTML में अंतर्
कुछ मुफ्त CSS एडिटर:
1. Visual Studio Code- Visual Studio Code एक मुक्त, विशेषकृत IDE है जिसमें आप HTML, CSS, और अन्य वेब भाषाओं को संपादित कर सकते हैं। इसके एक्सटेंशन के माध्यम से आप CSS को अद्वितीय ढंग से संपादित कर सकते हैं।
2. Brackets- Brackets भी एक मुक्त एडिटर है जिसमें CSS संशोधित करने के लिए कई उपयोगी
कार्यक्षमताएँ हैं।
3. Atom- Atom भी एक द्विधातु मुक्त संपादक है जिसमें वेब डेवलपमेंट के लिए कई उपयोगी
फ़ंक्शन्स शामिल हैं।
4. Sublime Text- Sublime Text मुक्त वेब डेवलपमेंट संपादक है जिसमें आप CSS और
अन्य भाषाओं को संपादित कर सकते हैं।
ये सभी कुछ मुफ्त CSS एडिटर के उदाहरण हैं जिन्हें आप आजमा सकते हैं।
CSS का फुल फॉर्म क्या है?
CSS का फुल फॉर्म “Cascading Style Sheet” होता है और इसका हिंदी मतलब “व्यापक स्टाइल शीट” है।
CSS के प्रकार क्या है?
CSS के मुख्य रूप से तीन प्रकार है
1. Inline CSS-
जब एचटीएमएल टैग के अंदर CSS लिखे जाते हैं तो उसको Inline CSS कहा जाता है।
2. Internal CSS-
इसमें CSS को लिखने के लिए एचटीएमएल पेज की आवश्यकता होती है। एचटीएमएल पेज में ही CSS लिखते हैं जिस कारण उसका इफेक्ट केवल उसी पेज पर ही होता है।
3. External CSS-
इस टाइप के CSS द्वारा एचटीएमएल पेज के स्टाइल को एक साथ क्रिएट कर सकते हैं। मतलब इसकी हेल्प से पूरी वेबसाइट के लोक को एक ही फाइल के द्वारा चेंज किया जा सकता है।

1– Inline CSS :
1. Inline CSS-
जब एचटीएमएल टैग के अंदर CSS लिखे जाते हैं तो उसको Inline CSS कहा जाता है।
2. Internal CSS-
इसमें CSS को लिखने के लिए एचटीएमएल पेज की आवश्यकता होती है। एचटीएमएल पेज में ही CSS लिखते हैं जिस कारण उसका इफेक्ट केवल उसी पेज पर ही होता है।
3. External CSS-
इस टाइप के CSS द्वारा एचटीएमएल पेज के स्टाइल को एक साथ क्रिएट कर सकते हैं। मतलब इसकी हेल्प से पूरी वेबसाइट के लोक को एक ही फाइल के द्वारा चेंज किया जा सकता है।
Type of CSS


Inline CSS का इस्तेमाल HTML tags के अंदर ही किया जाता है| लेकन इसके लिए हमें
style एट्रिब्यूट का useकरना पड़ता है|
उदाहरण के लिए – अगर हम किसी पैराग्राफ के कलर को लाल (red) करना चाहते हैं तो हमें नीचे
दिए गये कोड को Apply करना होगा.
<p style="color:red;">This is a paragraph.</p>
2-Internal CSS
Internal CSS लिखने के लिए हमें style टैग को create करना पड़ता है,
क्योंकि बिना style टैग के internal CSS नहीं लिख सकतेहै| हमें style टैग को head टैग के अंदर
लिखना होता है.
style एट्रिब्यूट का useकरना पड़ता है|
उदाहरण के लिए – अगर हम किसी पैराग्राफ के कलर को लाल (red) करना चाहते हैं तो हमें नीचे
दिए गये कोड को Apply करना होगा.
<p style="color:red;">This is a paragraph.</p>

2-Internal CSS
Internal CSS लिखने के लिए हमें style टैग को create करना पड़ता है,
क्योंकि बिना style टैग के internal CSS नहीं लिख सकतेहै| हमें style टैग को head टैग के अंदर
लिखना होता है.
